*अवैध काला ईट ब्रिक्स से पर्यावरण हो रहा दूषित*।
*अवैध काला ईट ब्रिक्स से पर्यावरण हो रहा दूषित*।
कवर्धा.. इन दिनों कवर्धा शहर में काला राखड़ युक्त ईट की बाढ़ हो गई है. उद्योद नीति का खुला उल्लंघन. शहर से लगे राखड वाले काले ईट उद्योग की भरमार से शहरवासियों के स्वास्थ्य पर बुरा हाल देखने को मिल रहा है.खुले में रखे राखड़ गर्मियों में उड़ते है जिससे पड़ोसियों और राहगीरों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ा है विशेष कर फेफड़े और श्वसन तंत्र प्रभावित हो रहे हैं.
*विभाग की निष्क्रियता*
उद्योग निति देखने वाले विभाग को इससे कोई लेना नहीं प्रतीत होता है कितनो के पास प्रशाशन की अनुमति है और गाइडलाइन का कितने पालन करते है ये तो देखने से पता चलेगा।उद्योग संचालकों की मनमानी स्पष्ट दिखाईं देती हैं राखड़ चुना आदि को ये ना छुपा दबा के रखते न पानी का छिड़काव करते जिससे राखड़ उड़ता है और पर्यावरण प्रभावित हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि इससे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है दमा के रोगियों पर विशेष।अब देखना होगा कि जिला प्रशाशन इन्हें शहर के अंदर अनुमति देती है या गाइडलाइन का पालन कराती है
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