डेंगू से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान तेज, विद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा पर विशेष जोर
July 07, 2026
कवर्धा
कलेक्टर, जिला कबीरधाम के निर्देशन में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिले में डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें तथा कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि एडीज मच्छर साफ एवं रुके हुए पानी में पनपता है। डेंगू संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति ने फैलता हैं। एडीज मच्छर दिन और उजाले में काटते हैं। बरसात में डेंगू बीमारियों में वृद्धि होने की ज्यादा संभावना होती हैं।
डेंगू से बचाव के लिए कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों तथा अन्य पात्रों में पानी जमा न होने देने, सप्ताह में एक बार कूलर का पानी बदलने तथा मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी एवं मच्छररोधी उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर एवं जोड़ों में दर्द, उल्टी तथा त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।
जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को डेंगू से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा मच्छरों की रोकथाम के संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने शिक्षा विभाग को अवगत कराया गया है। विद्यालयों में प्रार्थना सभा, कक्षा गतिविधियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को डेंगू के लक्षण, बचाव के उपाय तथा अपने घर एवं विद्यालय परिसर में पानी जमा नहीं होने देने के संबंध में जानकारी देने के कहा गया हैं। विद्यार्थियों को अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
साथ ही नगर पालिका द्वारा नियमित रूप से नालियों एवं तालाबो की सफाई, फॉगिंग, कीटनाशक का छिड़काव एवं कचरा वाहन के माध्यम से जागरूकता संदेश आदि अपेक्षित कार्य करने कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जाकर लार्वा सोर्स रिडक्शन अभियान गतिविधियां कर डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों के संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा दी जा रही है।
लोगों को रुके हुए पानी में जला हुआ इंजिन ऑयल डालने की सलाह दी जा रही है ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सकें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कबीरधाम ने कहा है कि डेंगू की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सहभागिता से ही संभव है। सभी नागरिकों से अपील है कि वे स्वच्छता बनाए रखें, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करें तथा डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब स्वास्थ्य संस्थान में जांच एवं उपचार कराएं।



