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मैनपूरी और छांटा झा के चेकडेम निर्माण पर उठे सवाल

 मैनपूरी और छांटा झा के चेकडेम निर्माण पर उठे सवाल



कवर्धा। जिले के जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मैनपूरी और छांटा झा में मनरेगा के तहत बनाए जा रहे चेकडेम निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नियमों को दरकिनार कर मशीनों से कार्य कराया जा रहा है, जिससे योजना के मूल उद्देश्य पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।


ग्रामीणों के अनुसार, मैनपूरी में तीजराम मंदिर के पास नाला में बनाए गए चेकडेम और छांटा झा में गौठान के पास निर्माणाधीन चेकडेम — दोनों ही कार्यों में एक ही तकनीकी सहायक होने के बावजूद निर्माण में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। एक चेकडेम में गेट लगाया गया है, जबकि दूसरे में गेट का अभाव है। इस असमानता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है और वे इसे संभावित भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रहे हैं।


छांटा झा ग्राम पंचायत में स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। साथ ही, सूचना पटल भी अधूरा है, जबकि नियमानुसार कार्य प्रारंभ होने से पहले सूचना पटल पर सभी आवश्यक जानकारी प्रदर्शित की जानी चाहिए।


वहीं मैनपूरी में बने चेकडेम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रथम दृष्टया निर्माण की गहराई, लंबाई और चौड़ाई निर्धारित मानकों से कम प्रतीत हो रही है। हालांकि इसकी पुष्टि संबंधित ड्राइंग, डिजाइन और स्वीकृत स्टीमेट के अवलोकन के बाद ही हो सकेगी।


ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मनरेगा योजना का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन यहां अधिकांश कार्य मशीनों से कराया जा रहा है। इससे मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा और योजना का उद्देश्य अधूरा रह जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, और यदि होती भी है तो केवल खानापूर्ति तक सीमित रहती है।

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